Posts

Showing posts with the label स्वेटर

सृष्टि बोस्टन और मफलर

Image
जब मुझे खबर मिली कि मेरी बेटी सृष्टि बोस्टन से चलकर अम्बिकापुर से केवल दो दिन के लिये आने वाली है तो मुझे समझ मे नही आ रहा था कि उसके लिये क्या गिफ्ट जुटाऊँ । फिर मुझे आइडिया सूझा कि हाथ से  एक मफलर बुन कर दे दूँ । उधेड़ बुन में दिन निकलते जा रहे थे । अनत: ऊन खरीदी गई ऑफ वाइट रंग की  और दूसरा रंग ग्रे लिया गया । पर दिन कम थे सो मैंने क्रोशिये से बुनने का फैसला किया । उसे कुछ अलग रूप देने के लिये किनारे सलाइयों से बुने और उस पर नाम उकेर दिया सृष्टि । दूसरे तरफ बॉस्टन तीसरी और चौथी तरफ एम.आई टी. | एक हफ्ता उसके आने में शेष था और मेरी उंगलियाँ तेजी से चल रही थी । आखिर बन ही गया मफलर । सबसे खुशी की बात यह थी कि उसे पसन्द आया । बॉस्टन जाकर उसने मु झे अपने  जन्मदिन पर कहा –“ माँ ! आज आपका बुना मफलर पहन कर जा रही हूँ ” मुझे लगा मेरा बुनना सार्थक हो गया |

वो सतरंगी स्वेटर

Image
2006 में हम लद्दाख गए तो यह सोचा नहीं था कि वो मेरी निटिंग का ऐतिहासिक ट्रिप बन जाएगा | मैं हमेशा की तरह अपनी उन सलाई तो लेकर ही गयी थी | वहाँ एक दिन बाज़ार में इन्द्रधनुषी स्वेटर देखा कर मन मचल गया | पास जाकर देखा तो हाथ का बना हुआ था | मैंने उन की दूकान की खोज की | वोव ! वहातो वही सात रंग के उन थी | मैंने झट से इ ली | और घर पहुंचाते ही सबसे पहले आस्था का स्वेटर बनाया जो सबको बेहद पसंद आया | अब मुझे इश्वर की कृपा का नहीं मालूम था कि २००८ में स्पंदन आया | और फिर क्या था मैंने उस बची हुई लद्दाखी ऊन का स्वेटर बनाया | हुड वाला यह स्वेटर मेरे लिए अमूल्य था | जो बाद में बिंदिया पत्रिका में प्रकाशित हुआ |